बिहार सरकार के बड़े फैसले: कर्मचारियों को बढ़ा डीए, ईवी और एआई सेक्टर को मिलेगा नया बढ़ावा

बिहार सरकार के बड़े फैसले: कर्मचारियों को बढ़ा डीए, ईवी और एआई सेक्टर को मिलेगा नया बढ़ावा

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Big decisions of Bihar government: DA increased for employees,

पटना। सम्राट चौधरी की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बड़े आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय फैसलों को मंजूरी दी है। बाजार ऋण सहित कुल 72,901.30 करोड़ की ऋण उगाही को स्वीकृति दी है।

राज्य कर्मियों, पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि की स्‍वीकृत‍ि दी गई है। डीए के रूप में 58 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत म‍ि‍लेगा।

साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। बैठक में 19 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।

सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत

बिहार सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह बढ़ोतरी पहली जनवरी 2026 से लागू होगी। 

सप्तम वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को अब 58 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। 

षष्ठम वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 257 प्रतिशत के स्थान पर 262 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा।

पंचम वेतनमान के अंतर्गत वेतन और पेंशन पाने वालों को 474 प्रतिशत की जगह 483 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

72 हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण उगाही को मंजूरी

बैठक के बाद कैबिनेट के उपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बाजार ऋण सहित कुल 72,901.3097 करोड़ रुपये की ऋण उगाही की स्वीकृति दी है।

इसमें 64,141.2820 करोड़ रुपये बाजार ऋण के रूप में जुटाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक वाहन योजना से प्रदूषण घटाने और रोजगार बढ़ाने पर जोर

सरकार ने 'मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना' को मंजूरी दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य वाहन जनित प्रदूषण कम करना और वर्ष 2030 तक नए वाहनों की कुल बिक्री में कम-से-कम 30 प्रतिशत EV की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।

यह वैश्विक “ईवी 30एट30” अभियान को भी सहयोग देगा। सरकार का मानना है कि योजना से लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति स्वीकार्यता बढ़ेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा उपलब्ध होगी और वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 में संशोधन

राज्य सरकार ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 की कई धाराओं में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाणिज्यिक वाहन, दोपहिया तथा महिलाओं के लिए चारपहिया गैर-वाणिज्यिक वाहनों की खरीद और निबंधन पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, महिलाओं को इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

वहीं मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

चार्जिंग स्टेशन लगाने पर बढ़ी सहायता

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि अधिक संख्या में चार्जर लगाने पर बढ़ी हुई दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसके अलावा सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय की “पीएम ई-ड्राइव योजना” के तहत भी अनुदान मिल सकेगा। इससे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होगा।

बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को गति

राज्य सरकार ने बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है।

इसके लिए “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” के तहत सिंगापुर की संस्था “ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क” का चयन किया गया है।

सरकार के अनुसार, इस संस्था की मदद से राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास और नवाचार को मजबूत किया जाएगा। 

पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलेगा

ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस और लाइनक्स फाउंडेशन के सहयोग से पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलाया जाएगा।

इस कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित सहित अन्य विषयों के सात हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्र शामिल होंगे।

स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को मिलेगा तकनीकी मंच

सरकार के अनुसार, “आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी” नाम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक आधारित डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इससे 100 से अधिक स्टार्टअप को लाभ मिलेगा। 

इस मंच के जरिए उद्यमियों, छात्रों, शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों को एआई तथा मशीन लर्निंग आधारित तकनीकी सुविधाएं, डाटा पाइपलाइन, बड़े भाषा मॉडल गेटवे और क्लाउड आधारित विकास मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

वैश्विक मंचों पर बिहार को मिलेगी पहचान

ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के 12 अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से बिहार को वैश्विक निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और नीति निर्माताओं के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

इनमें सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल, प्वाइंट जीरो फोरम ज्यूरिख, ब्लैक स्वान सम्मेलन और बैंकॉक डिजिटल फाइनेंस फोरम जैसे बड़े आयोजन शामिल हैं।